हल्द्वानी, फरवरी 11 -- हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। उत्तराखंड में जल विद्युत परियोजनाओं से जुड़ी भूमि निजी क्षेत्र को सौंपने के सरकारी निर्णय पर सियासी विवाद तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इसे प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा और राज्यहित के खिलाफ बताते हुए सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियां निजी हाथों में देने का आरोप लगाया है। बुधवार को प्रेस को जारी एक बयान में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि शासनादेश तीन दिसंबर 2025 के तहत उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की डाकपत्थर और ढालीपुर परियोजनाओं से संबंधित 76.73 हेक्टेयर भूमि निजी क्षेत्र को हस्तांतरित करने का निर्णय अल्पदृष्टि भरा और खतरनाक है। आर्य के अनुसार यह भूमि यमुना स्टेज-1, स्टेज-2, व्यासी, लखवाड़, किशाऊ और टौंस जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के संचालन व भविष्य की योजनाओं से जुड़ी रणनीति...
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