लखनऊ, जुलाई 30 -- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मार्च 2023 के आंदोलन के फलस्वरूप हटाए गए सभी संविदा कर्मियों को तत्काल बहाल किए जाने की मांग की है। समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा है कि संविदा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 55 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए, ताकि अनुभवी और दक्ष कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ ऊर्जा निगमों को मिलता रहे। मांग की कि दुर्घटना में घायल कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। सभी संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।समिति ने मांग की है कि ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते एवं शासन के निर्देशों के अनुरूप पुनर्बहाली सुनिश्चित की जाए तथा कर्मचारियों पर की जा रही सभी अनुशासनात्मक व उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस ली जाएं। य...