सोनभद्र, सितम्बर 1 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मंगलवार को आरोप लगाया है कि प्रदेश के मुख्य मंत्री जहां आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनके शोषण को रोकने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग निगम के गठन की पहल की वहीं यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि ऊर्जा निगमों के प्रबंधन आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों के अनुरूप कदम उठाने की जगह बड़े पैमाने पर अल्प वेतनभोगी संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी कर रहे है। ऊर्जा निगमों में निजीकरण और डाउनसाइजिंग के नाम पर दो वर्षों से बड़ी संख्या में आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों को सेवा से हटाया जा रहा है। यह भी पढ़ें- ऊर्जा निगमों के आउटसोर्स कर्मचारियों को भी मिले लाभ : संघर्ष समिति संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने मांग की है कि 02 सितम्बर बुध...