वाराणसी, फरवरी 22 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। विमला पोद्दार स्मृति संगीत समारोह में रविवार को कोलकाता के प्रख्यात कलाकार उस्ताद निशात खान ने अद्भुत सितार वादन किया। उनके सितार की झनकार ने श्रोताओं के मन के तार झंकृत कर दिये। उन्होंने राग मारू विहाग तथा शुद्ध मारू की अवतारणा बारी-बारी से की। उस्ताद ने राजस्थान की एक मधुर लोक शास्त्रीय शैली मांड की ठुमरी 'लट उलझी सुलझाए बलम' और 'फूल रही सरसों सकल बन' जैसी धुनों के द्वारा कर्णप्रिय एवं अद्भुत लय-ताल की मंजुल सरिता बहाकर श्रोताओं को मोहित किया। तबला पर पं.रामकुमार मिश्र ने उत्कृष्ट संगत की। इसके पूर्व कार्यक्रम का आरंभ गंगाकलश पर पुष्पार्पण से हुआ। ज्ञान प्रवाह के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध न्यासी हर्षवर्धन नेवटिया ने स्वागत किया। संस्था के कार्यकारी न्यासी प्रो.अंजन चक्रवर्ती ने कलाकार का परिचय दि...
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