उर्से पाक में गूंजा इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम
छपरा, जून 2 -- रातभर चला शेरो-शायरी व तकरीर का दौर मांझी। मांझी नगर पंचायत स्थित हजरत जलाल शाह रहमतुल्ला अलैह मजार परिसर में आयोजित उर्से पाक के अवसर पर पूरी रात शेरो-शायरी, नात और तकरीरों का सिलसिला चलता रहा। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के हजारों अकीदतमंदों ने शिरकत कर दरगाह पर हाजिरी दी और दुआएं मांगीं। मेले में उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। कार्यक्रम में मौलाना नेसार अहमद मिस्वाही ने अपनी असरदार तकरीर से लोगों के दिलों को छू लिया। उन्होंने मां की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा, "माँ जन्नत की असली तस्वीर होती है, माँ के आंचल की छाया नूर हुआ करती है।" उनकी मार्मिक नात और शायरी सुनकर महफिल में मौजूद कई श्रोताओं की आंखें नम हो गईं। मौलाना ने अपने बयान में कहा कि सिर्फ मुसलमान घर में पैदा हो ...
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