बलरामपुर, अगस्त 26 -- उतरौला, संवाददाता। उतरौला तहसील क्षेत्र में उर्वरक संकट ने विकराल रूप ले लिया है। किसानों को उर्वरक की एक-एक बोरी के लिए सुबह से शाम तक सहकारी समितियों और गोदामों पर लंबी लाइनों में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। गांवों से आने वाले किसानों का कहना है कि बुआई का समय होने के बावजूद उर्वरक उपलब्ध नहीं हो रही है। खेत तैयार हैं, बीज बो दिए गए हैं, लेकिन उर्वरक न मिलने से फसल पर संकट मंडरा रहा है। सूत्रों का दावा है कि उर्वरक की किल्लत कृत्रिम रूप से पैदा की जा रही है। उर्वरक की बोरियां किसानों को सीधे न देकर अवैध तरीके से औने-पौने दामों पर बेची जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि जब वे खाद लेने पहुंचते हैं तो उन्हें स्टॉक खत्म कहकर टाल दिया जाता है। किसानों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से मांग की है...
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