चित्रकूट, अगस्त 7 -- चित्रकूट। जिले में उर्वरकों की गुणवत्ता को परखने और नकली खाद विक्री को संभावना को देखते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी अभियान चलाया। जिसमें नामित नोडल अधिकारियों ने सहकारी समितियों, पीसीएफ केन्द्रों एवं निजी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों में पहुंचकर उर्वरकों के सैंपल भरे। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपलब्ध भौतिक स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर, विक्रय पंजिका, पीओएस मशीन से किए जा रहे वितरण तथा अभिलेखों का सत्यापन किया। विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानो को केवल शासन से निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। किसी भी प्रकार का अनाधिकृत भंडारण, कृत्रिम अभाव उत्पन्न करना व उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य टैगिंग न की जाए। यह भी पढ़ें- उर्वरकों की ...