चाईबासा, मार्च 6 -- चाईबासा। होलिका दहन के तीसरे दिन बुधवार को आदिवासी उरांव समाज के द्वारा उरांव अखाड़ों के घरों में मुर्गा की बलि पूजा की गई। उसी दिन दोपहर के बाद चाला मंडप सरना स्थल में पाहन पुजारी व सहयोगी पनभरवा के द्वारा विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद सरना स्थल से ही ढोल-नगाड़े मांदल की थाप पर नाच-गान करते हुए मुहल्ले का भ्रमण किया गया। बतां दे कि इस दौरान सभी चौक-चौराहे पर पाहन व सहयोगी पनभरवा को सभी घर की महिलाओं द्वारा अपने-अपने घरों से लोटा में पानी व कटोरा में सरसों तेल लेकर नहला कर तेल लगाया जाता है। साथ ही मुहल्ले की सभी महिलाओं को भी पानी से भींगो दिया जाता है। रात होने से पहले सभी महिला/पुरूष नदी में स्नान कर चाला मंडप वापस आकर प्रार्थना कर अपने-अपने घर लौट आते हैं। दूसरे दिन गुरुवार व शुक्रवार को बान टोला अखाड़ा में होली...
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