हल्द्वानी, सितम्बर 30 -- हल्द्वानी। उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) मंगलवार को हल्द्वानी विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई। रिटायरमेंट की ओर बढ़ रहे 50 वर्ष उम्र के कई शिक्षक भी परीक्षा देने पहुंचे। इनमें कई शिक्षक पहले से सेवा में हैं। यूटीईटी में उम्रदराज शिक्षकों की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि टीईटी अब सिर्फ नए अभ्यर्थियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कुछ सेवारत शिक्षकों के लिए भी इसकी पात्रता जरूरी हो गई है। केंद्र सरकार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के 2025 के फैसले के बाद आरटीई के दायरे में आने वाले कुछ पुराने सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की योग्यता अनिवार्य की गई है। जिन शिक्षकों की पांच साल से अधिक सेवा शेष है, उन्हें निर्धारित अवधि में यूटीईटी उत्तीर्ण करने की व्यवस्था दी गई है। वहीं पदोन्नति के लिए भी टीईटी...