उम्र का पुख्ता सुबूत न होने और सहमति से संबंध में दुष्कर्म का आरोपी बरी
देहरादून, अप्रैल 17 -- पोक्सो अदालत ने अपहरण, दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के आरोपों का सामना कर रहे एक युवक को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। पोक्सो कोर्ट की जज रजनी शुक्ला की अदालत ने यह फैसला सुनाया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष गुलाटी ने बताया कि पटेलनगर कोतवाली में 28 फरवरी 2019 को एक पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी को राजमिस्त्री का काम करने वाला मलिक चंद भगा ले गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और एसीएसटी एक्ट के तहत चार्जशीट फाइल की। अदालत ने अपने 18 पेज के निर्णय में स्पष्ट किया कि अभियोजन घटना के समय पीड़िता का नाबालिग होना संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। आयु निर्धारण को हुए मेडिकल परीक्षण में उम्र 15 से 17 वर्ष बताई गई थी। न्यायालय ने विधि व्यवस्थाओं का हवाला द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.