नई दिल्ली, जुलाई 12 -- CJI Surya Kant: दिल्ली दंगों और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामलों में उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य आरोपियों के मुकदमों में हो रही देरी के बीच देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने एक बड़ा बयान दिया है। सीजेआई ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इन गंभीर मामलों में मुकदमों का तेजी से पूरा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों का अंतिम निपटारा ही लंबे समय से जेल में बंद कैदियों की जमानत न मिलने की शिकायतों का असली समाधान होगा। विचाराधीन कैदियों के सालों तक जेल में रहने और न्यायपालिका की हो रही आलोचना के सवाल पर सीजेआई ने बिना किसी विशिष्ट मामले या व्यक्ति का नाम लिए कहा, "यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसे न्यायिक स्तर पर संबोधित करने की आवश्यकता है।" मुख्य न्यायाधीश ने एक बड़ी सफलता का उल्ल...