लातेहार, मार्च 24 -- बेतला, प्रतिनिधि । नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को उपासकों ने मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरुप की विधिवत पूजा-अर्चना की। मौके पर पुजारियों ने भक्तों को मां दुर्गा का स्कंदमाता रूप धारण करने की मार्मिक और रोचक कथा सुनाई और कहा कि धरती के दुर्दांत राक्षस तारकासुर का वध करनेवाले स्कंद कुमार (कार्तिकेय) की मां होने के कारण मां पार्वती का यह स्वरूप स्कंदमाता कहलाया। इनकी अराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है तथा उनके संतान दीर्घायु और तेजस्वी होते हैं। उन्हें किसी भी तरह का रोग-शोक नहीं होता और जीवन खुशहाल होता है। इसलिए उपासकों को स्कंदमाता की स्तुति और पूजा-अर्चना करना बेहद जरूरी है। इसमें आसपास के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल थे।
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