नई दिल्ली, मई 15 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को डीयू के हंसराज कॉलेज में महात्मा हंसराज स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सेवा और नैतिकता से ही विकसित भारत का निर्माण संभव है। इस अवसर पर उन्होंने यूपीएससी और राज्य सिविल सेवा परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि महात्मा हंसराज ने शिक्षा को केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र जागरण का साधन माना। उनके द्वारा स्थापित संस्थान अनुशासन, त्याग और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना पर आधारित थे। उपराज्यपाल ने नवचयनित सिविल सेवा अभ्यर्थियों से कहा कि लोकसेवा कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। यह भी पढ़ें- सेवा और नैतिकता से ही विकसित भारत का निर्माण ...