लखनऊ, जनवरी 1 -- जिलों से उपभोग प्रमाण पत्र न मिलने के कारण पीएम आदर्श ग्राम योजना (पीएम-एजीवाई) का बजट अटक गया है। अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के विकास के लिए चलाई जा रही इस योजना के तहत गांवों को 20-20 लाख रुपये की रकम दी जाती है। कुल 500 करोड़ रुपये की धनराशि इसके दी गई है जो अटकी हुई है। समाज कल्याण विभाग की ओर से जिलों को कड़ी फटकार लगाई गई है। पीएम-एजीवाई के प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना घटक के तहत प्रदेश में ऐसे गांव जहां पर अनुसूचित जाति के लोगों की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी है, वहां समाज कल्याण विभाग की ओर से 20 लाख रुपये की धनराशि विकास कार्यों के लिए दी जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में दी गई धनराशि से कराए गए कार्यों का उपभोग प्रमाण पत्र देने पर ही अगले वर्ष की धनराशि दी जाती है। ऐसे में वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए...
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