लखनऊ, अगस्त 13 -- देश अब शोध और नवाचार के क्षेत्र में निवेश बढ़ा रहा है। भारत आज सूचना प्रौद्योगिकी का एक बड़ा उपभोक्ता है, लेकिन समय आ गया है कि हम उपभोक्ता से उत्पादक की भूमिका में आएं। शोधकर्ताओं को ऐसे उत्पाद और तकनीकें विकसित करनी चाहिए जो वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और रोजगार के नए अवसर पैदा करें। ये बातें बीबीएयू कुलपति कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने मंगलवार को इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के संरक्षण में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की ओर से प्रोटोटाइप डेवलपमेंट एंड वेलिडेशन क्लीनिक विषय पर आयोजित कार्यशाला में कहीं। उन्होंने शोध को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक समाधानों में बदलने पर विशेष बल दिया। यह भी पढ़ें- तीन साल में ट्रिपलआईटी को मिले 12 पेटेंट, 33 शोध प्रोजेक्ट नवाचार संस्कृति को मजबूत करने का लक्ष्यआईआ...