लखनऊ, अप्रैल 7 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता।बिजली के स्मार्ट मीटरों में प्रीपेड की अनिवार्यता समाप्त किए जाने संबंधी नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उपभोक्ता अपना मीटर पोस्टपेड करवाने की दरख्वास्त उपकेंद्रों में देने पहुंचने लगे हैं। वहीं, अभियंता इस उलझन में हैं कि वे प्रार्थना पत्र स्वीकारें या नहीं? अगर स्वीकारें तो क्या कार्रवाई करें? मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एक मुख्य अभियंता समेत कई अन्य अभियंताओं ने बिजली कपंनियों को पत्र लिख कर इस संबंध में निर्देश मांगे हैं।केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने स्मार्ट मीटरों के प्रीपेड होने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक न तो भविष्य में उपभोक्ताओं के घरों में जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे और न ही बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पोस्टपेड ...