चाईबासा, फरवरी 28 -- चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने वाहन फाइनेंस से जुड़े एक गंभीर मामले में फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उपभोक्ता के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आयोग ने जबरन वाहन कब्जा, बिना हिसाब के अतिरिक्त राशि की मांग और आरबीआई दिशानिर्देशों के उल्लंघन को सेवा में गंभीर कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार करार दिया है। क्या है मामला शिकायतकर्ता ने 10 मार्च 2022 को एक महिंद्रा बोलेरो वाहन का फाइनेंस कराया था। वाहन की मासिक किस्त (ईएमआई) 12 हजार 220 रुपए निर्धारित थी, जिसे शिकायतकर्ता नियमित रूप से जमा कर रहा था। जुलाई 2024 में वाहन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण वह तीन माह (जुलाई-सितंबर 2024) की किस्त जमा नहीं कर सका। 19 सितंबर 2024 को जब शिकायतकर्ता अपनी बेटी के इलाज के लिए जा रहा था, तभ...