लखनऊ, जुलाई 19 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या के मुताबिक सभी संवर्गों में भर्तियां करवाने की मांग की है। संघर्ष समिति ने कहा है कि यूपी में महाराष्ट्र से ज्यादा उपभोक्ता हैं जबकि नियमित कर्मचारियों की संख्या महाराष्ट्र की तुलना में एक-तिहाई से भी कम है।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि यूपी में उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि उस अनुपात में कर्मचारियों की संख्या में कोई इजाफा नहीं किया गया। इससे बिजली सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और कर्मचारियों पर काम का दबाव भी। संघर्ष समिति ने बताया कि वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के विघटन के समय प्रदेश में लगभग 60 लाख उपभोक्ता तथा लगभग 1.20 लाख कर्मचारी थे। अब उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओ...