वाराणसी, मार्च 3 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। संपूर्णानंद संस्कृत महाविद्यालय परिसर में बिजली उपकेंद्र बनाने की डेड लाइन समाप्त हो गई है। इसकी लागत 200 करोड़ रुपये है। मेसर्स मेघा इंजीनियर का ट्रांसमिशन विभाग से 7 सितंबर 2025 तक उपकेंद्र का निर्माण कार्य पूरा कराने का करार हुआ था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। परियोजना में लेटलतीफी होने पर ट्रांसमिशन विभाग सख्ती दिखाते हुए कंपनी पर अबतक 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा चुका है। निर्माण कार्य पूरा होने तक हर महीने दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की राशि फर्म को हर साल मिलने वाले 20 करोड़ रुपये से काटी जाएगी। वरुणापार इलाके में बिजली की आपूर्ति पहले से बेहतर करने के लिए ट्रांसमिशन विभाग की ओर से 220 केडब्ल्यूएच उपकेंद्र का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। उपकेंद्र के निर्माण के लिए संप...
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