नई दिल्ली, मार्च 16 -- राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में उत्तर प्रदेश के तीन पुलिस अधिकारियों को बरी कर दिया। इन अधिकारियों पर सीबीआई ने आरोप लगाया था कि उन्होंने पीड़िता की शिकायत मिलने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक गोयल की अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि पीड़िता ने सबसे पहले मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत सीधे पुलिस थाने से संपर्क नहीं किया था। बाद में यह शिकायत प्रशासनिक माध्यम से पुलिस अधिकारियों को केवल जांच और रिपोर्ट देने के लिए भेजी गई थी। अदालत ने कहा कि केवल सीएम पोर्टल पर शिकायत करना प्राथमिकी नहीं मानी जा सकती।जिरह के दौरान पीड़िता ने भी स्वीकार किया कि ...