देहरादून, मई 5 -- देहरादून। सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय ने फार्मास्यूटिकल सिद्धांत को व्यवहारिक कौशल से जोड़ना, प्रयोगों के डिजाइन और डिजाइन द्वारा गुणवत्ता में महारत हासिल करना शीर्षक से एक उच्च प्रभावशाली व्यवहारिक कार्यशाला का आयोजन किया। जिसका उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को आधुनिक दवा विकास के लिए उन्नत उपकरणों से लैस करना था। स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड टेक्लोलॉजी की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में क्वालिटी आय डिजाइन और डिजाइन ऑफ एक्सपेरीमेंट्स को एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यक्रम में डॉ वीरमा राम ने आधुनिक विज्ञान में उन्नत अनुसंधान पद्धतियों की प्रासंगिकता और जैविक मॉडलों के साथ कम्पयूटेशनल उपकरणों के एकीकरण पर प्रकाश डाला। यह भी पढ़ें- विवि में ओबीई पर मंथन, कौशल आधारित लर्निंग पर फोकस डॉ जे कुमार ने उद...
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