दरभंगा, मार्च 26 -- दरभंगा । महिला सशक्तिकरण केवल हमारी नैतिकता एवं सामाजिकता के लिए ही आवश्यक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण एवं समाज की खुशहाली के लिए भी अनिवार्य है। यद्यपि इसका रास्ता कठिन है, फिर भी महिलाओं को आगे चलना ही पड़ेगा। इसके लिए सुनना, समझना और उसपर अमल करना जरूरी है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में वीमेंस सेल के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मगध विश्वविद्यालय, गया की पूर्व कुलपति प्रो. कुसुम कुमारी ने उक्त बातें कही। यूनेस्को के थीम अधिकार, न्याय और सक्रियता : सभी महिलाओं एवं लड़कियों के लिए पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ सरकारी कानून एवं पुलिस के बल पर ही नहीं, बल्कि हमें सुयोग्य बनकर संघर्ष भी करना होगा, तभी सामाजिक परिवर्तन संभव है। उ...
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