चैनपुर, मार्च 29 -- कहते हैं हालात अगर कमजोर हों तो सपने भी छोटे हो जाते हैं लेकिन सूबे के कैमूर के औखरा गांव के विकास कुमार गुप्ता ने इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। एक ऐसे परिवार से आने वाले विकास जहां रोजमर्रा का खर्च भी मुश्किल से चलता है उसने मैट्रिक परीक्षा में 486 अंक लाकर पूरे राज्य में पांचवां और अपने जिले में पहला स्थान हासिल कर लिया। बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा का आज रिजल्ट जारी कर दिया गया, जिसमें विकास गुप्ता ने शानदार अंक हासिल कर अपने परिवार, अपने क्षेत्र और अपने स्कूल का नाम रोशन किया है।ठेला लगाकर घर चलाते हैं पिता विकास के पिता अनिल कुमार गुप्ता गांव की गलियों में ठेला लगाकर सब्जी बेचते हैं। इसी कमाई से घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बीमार पत्नी का इलाज चलता है। मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने कभी अपने बेटे की पढ़ाई...