कानपुर, मार्च 9 -- फोटो कानपुर। प्रमुख संवाददातावैज्ञानिकों और उद्यमियों को एक साथ मिलकर अनुसंधान और नवाचार करने की जरूरत है। जिससे उद्योग और एकेडमिया के बीच की दूरी को कम किया जा सके। दोनों एक प्लेटफॉर्म पर होंगे तो आने वाली औद्योगिक चुनौतियों का अनुसंधान से समाधान करना आसान होगा। यह बात एचबीटीयू के कुलपति प्रो. समशेर ने कही।एचबीटीयू के न्यू ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सोमवार को शुभारंभ हुआ। इसका विषय 'जेनेसिस-2026: विविध जैवप्रक्रियाएं - अंतः विषयक प्रौद्योगिकीय प्रगति के लिए अनिवार्य रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयपुर स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ साइंटिफिक रिसर्च के कार्यकारी निदेशक प्रो. पूर्णेदु घोष ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उद्योग-विश्वविद्यालय सहयोग ही शोध और विकास की असली धुरी है...