कानपुर, मार्च 27 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच उद्योगों का संचालन लगातार कठिन होता जा रहा है। पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर निर्भर बिस्कुट, नमकीन, कन्फेक्शनरी और प्लास्टिक इकाइयों पर इस संकट की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने एक बार फिर कटौती करते हुए उद्योगों को अब उनकी निर्धारित जरूरत का केवल 55 फीसदी गैस देने का फैसला किया है। यानी कुल 45 फीसदी आपूर्ति घटा दी गई है। इसके साथ ही प्रति एससीएम (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) 10 रुपये की बढ़ोतरी ने लागत का दबाव और बढ़ा दिया है।जानकारों के मुताबिक, उद्योगों को पीएनजी की आपूर्ति "कॉन्ट्रैक्ट डिमांड" के आधार पर मिलती है, जिसमें हर इकाई की उत्पादन क्षमता के अनुसार 100 फीसदी गैस उपलब्ध कराई जाती है। 15 दिन पहले इसे घटाकर 80 फीसदी किया गया था और...