वाराणसी, मई 1 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। सूरन की खेती करने वाले किसान अब आधी लागत पर खेती कर सकेंगे। जिला उद्यान विभाग उन्हें नि:शुल्क बीज देगा। जिससे लागत लगभग 50 फीसदी कम हो जाएगी। यही नहीं, इस बार दोगुना रकबे में सूरन की खेती भी कराने की योजना है। जिले में 20 से 25 हेक्टेयर में सूरन की खेती की जाती है। सेवापुरी और पिंडरा विकास खंडों में इसकी खेती ज्यादा होती है। वाराणसी समेत पूर्वांचल के अन्य जनपदों में पैदा किया गया सूरन एपीडा के माध्यम से खाड़ी देशों को निर्यात भी किया जाता है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी खेती महंगी है। जिससे किसान खेती की तरह सहजता से उन्मुख नहीं होते हैं। एक हेक्टेयर खेत में बोआई करने में दो से ढाई लाख मूल्य का बीज लग जाता है। जैविक खाद, सिंचाई और मजदूरी मिलाकर यह लागत तीन से चार लाख तक पहुंच जाती है। सात स...