नई दिल्ली, जून 18 -- शिवसेना (UBT) के भीतर चल रहा सियासी संकट गुरुवार को और गहरा गया। बागी सांसदों ने कांग्रेस के साथ संभावित विलय की आशंका को अपने विद्रोह का मुख्य कारण बताया, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने छह बागी सांसदों को Y-प्लस श्रेणी के समकक्ष सुरक्षा मुहैया करा दी है। यह घटनाक्रम चार वर्षों में महाराष्ट्र का तीसरा बड़ा राजनीतिक विभाजन माना जा रहा है। इससे पहले 2022 में शिवसेना और 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में बड़े पैमाने पर टूट हो चुकी है। विद्रोह की शुरुआत तब हुई जब तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर भाजपा नीत एनडीए को समर्थन देने का प्रस्ताव रखा। इस घटना के महज कुछ दिनों बाद शिवसेना (UBT) में नया विद्रोह सामने आया है, जिससे नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज...