प्रयागराज, दिसम्बर 19 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बदायूं के एसएसपी द्वारा सीजेएम से संवाद के लिए दरोगा को नियुक्त करने पर नाराजगी जताई है जबकि कोर्ट ने यह जिम्मेदारी एसएसपी को सौंपी थी। कोर्ट ने एसएसपी के रवैये को सरासर उद्दंडता करार दिया। साथ ही उन्हें व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा कि उनके खिलाफ अलग से सिविल अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने दिया है। अपील 1984 से लंबित अपील का अपीलार्थी आनंद प्रकाश लापता है। कोर्ट ने गत 10 दिसंबर को अपीलार्थी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया था। साथ ही स्पष्ट किया था कि वारंट तब तक बिना तामील लौटाया नहीं जाएगा, जब तक पुलिस शपथपत्र सहित यह प्रमाण न दे दे कि अपीलार्थी की मृ...
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