नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से आत्म-सम्मान आंदोलन और तर्कवाद पर आधारित रही है। लेकिन 2026 के चुनावी मैदान में एक अलग ही दृश्य दिखाई दे रहा है। जो नेता कल तक धार्मिक कर्मकांडों का विरोध करते थे, वे आज मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं और जो जातिगत समीकरणों में बंधे थे वे अब विरोधी खेमों के स्मारकों पर माथा टेक रहे हैं। द्रमुक (DMK) के दिग्गज नेता और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन जो कई इंटरव्यू में स्पष्ट कह चुके हैं कि वे पूजा-पाठ नहीं करते, वह हाल ही में अपने निर्वाचन क्षेत्र के सेंजेनियमन मंदिर में पूजा करते देखे गए। उनके साथ सांसद दयानिधि मारन भी मौजूद थे। यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उदयनिधि को द्रविड़ विचारधारा के कट्टर समर्थक के रूप में देखा जाता है। उदयनिधि पर हाल के कुछ वर्षों म...
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