उत्पादन मूल्य सूचकांक पर थोक महंगाई का आकलन होगा
नई दिल्ली, जून 2 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) को लागू करने जा रही है। इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में महंगाई के रुझानों का अधिक सटीक और वास्तविक आकलन करना है। पीपीआई में उत्पादन, इनपुट लागत और सेवाओं की कीमतों को भी शामिल किया जाएगा। मंगलवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार प्रवीण महतो ने बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) 15 जून को नए आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित संशोधित डब्ल्यूपीआई के आंकड़े जारी करेगा, जो वर्तमान आधार वर्ष 2011-12 वाली श्रृंखला का स्थान लेगी। इसके साथ ही 15 जून को आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (ओपीपीआई), ट्रायल इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (आईपीपीआई) और सेवा उत्पादक म...
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