लखनऊ, अप्रैल 18 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददातापुरस्कार चाहे कला के क्षेत्र में या साहित्य योगदान के लिए हों, उर्दू अकादमी हो या संस्कृत संस्थान सभी पुरस्कारों पर ग्रहण लगा हुआ। वहीं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी ने अपने चार वर्ष के लम्बित पुरस्कारों की घोषणा तो की लेकिन अभी तक पुरस्कार बांटे नहीं जा सके।उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के प्रतिष्ठित विश्वभारती सहित 46 पुरस्कारों पर पिछले चार वर्षों से ग्रहण लगा हुआ है। वर्ष 2023 से पुरस्कारों के लिए आवेदन भी नहीं मांगे गए। वहीं साल 2022 के पुरस्कारों की घोषणा की गई लेकिन अन्तिम समय शासन स्तर से घोषित पुरस्कारों को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद साल 2023, 2024, 2025 में पुरस्कारों की दिशा में एक कदम भी नहीं बढ़ा। हालांकि संस्थान ने फाइल बनाकर शासन जरूर भेजी लेकिन उस कोई कार्रवाई नहीं हुई और पुरस्क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.