फरीदाबाद, अक्टूबर 23 -- फरीदाबाद, धनंजय चौहान। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने शुक्रवार को दूसरे राज्यों में बिजली व्यवस्था ठप होने की घटनाओं की याद ताजा कर दी है। इससे पहले वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश में निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान करीब 72 घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। वहीं, वर्ष 2012 में ग्रिड फेल होने से उत्तर भारत के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया था। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने 19 अक्तूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह जिलों में 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण का लाइसेंस दिया है। इसे लेकर बिजली यूनियन दो दिनों से हड़ताल है, जिसमें कर्मचारियों के साथ इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। पूरे प्रदेश में हड़ताल के चलते बिजली को लेकर हाहाकार को गया है। हरिया...