नई दिल्ली, जनवरी 24 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। राजधानी में लंबे समय बाद बसों के रूटों का पुनर्निर्धारण कर उन्हें मांग के अनुरूप संचालित करने की कवायद शुरू की गई है। पूर्वी और पश्चिमी जोन में बस रूटों का पुनर्निर्धारण किए जाने के बाद अब डीटीसी की ओर से जल्द ही उत्तरी जोन में नए सिरे से बसों के रूट और उन पर संख्या को निर्धारित किया जाएगा। सीएनजी बसों को 15 साल पूरे होने पर सड़कों से हटा दिया गया है। फिलहाल दिल्ली में करीब 5300 सरकारी बसें ही बची हैं, लेकिन आबादी के लिहाज से तकरीबन 11 हजार बसों की जरूरत है। दिल्ली सरकार इसी साल नवंबर तक बसों की संख्या को बढ़ाकर सात हजार से ज्यादा करने का प्रयास कर रही है। मार्च तक करीब 300 बसें दिल्ली की सड़कों पर आने की उम्मीद है। इसके बावजूद यात्रियों के अनुपात में बसों की कमी है। ऐसे में डीटीसी की ओर...
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