विमल पुर्वाल, मार्च 11 -- उत्तराखंड सरकार बजट के अतिरिक्त खर्च हो रहे अनुदान व अन्य धनराशियों का अनुमोदन विधानसभा से नहीं करा रही है। यह आंकड़ा वर्ष 2023- 24 तक 55 हजार करोड़ रुपये हो चुका है। कैग (महालेखापरीक्षक) ने इसे संविधान के अनुच्छेद 204 और 205 (1-बी) का उल्लंघन माना है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में वर्ष 2005- 06 से यही स्थिति चली आ रही है। 2005 से लेकर 2023 तक 48 हजार करोड़ से अधिक की राशि को नियमित कराया जाना शेष था। वर्ष 2023- 24 में ही अनुदान श्रेणी के अंतर्गत 7300 करोड़ खर्च हुए, जिसे विधानसभा से नियमित कराने की जरूरत थी। दरअसल यह राशि राज्य के बजट के अतिरिक्त खर्च हुई, लेकिन उसके बाद विधानसभा से मंजूरी नहीं ली गई। कैग ने इस राशि को नियमित कराने की जरूरत बताई है। यह भी पढ़ें- 4 साल में बने कितने पंचायत भवन व गड्ढा मुक्त हुईं कि...
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