नई दिल्ली, जनवरी 3 -- उत्तराखंड में परिवार/कुटुंब रजिस्टर में पाई गई गंभीर अनियमितताओं पर सख्त एक्शन लिया गया है। धामी सरकार ने शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक में 2003 से अबतक परिवार रजिस्टर की जांच करवाने का फैसला लिया है। सरकार ने ये फैसला परिवार रजिस्टर से जुड़े पंचायती राज विभाग के चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद लिया है। कई आवेदन नियमों के उल्लंघन और अधूरे दस्तावेजों के कारण निरस्त किए गए। पंचायती राज विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में परिवार रजिस्टर से जुड़ी सेवाओं के लिए प्रदेशभर में 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच नए परिवार जोड़ने के लिए 2,66,294 आवेदन आए जिनमें से 2,60,337 आवेदन स्वीकृत और 5,429 आवेदन नियमों के उल्लंघन और अधूरे दस्तावेजों के वजह से निरस्त किए गए।कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा सीएम धामी ने बैठक में राज्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.