देहरादून, मार्च 7 -- उत्तराखंड में जुआ-सट्टा खेलने या खिलाने पर पांच साल की जेल और दस लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में ब्रिटिश कालीन सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 को निरस्त करते हुए राज्य का अपना कानून बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। राज्य के अपने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026 को आगामी बजट सत्र में मंजूरी के लिए विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस विधेयक में कई कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही चार और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। मालूम हो कि वर्तमान में राज्य में लागू 1867 के कानून के मानक वर्तमान समय में व्यावहारिक साबित नहीं हो रहे। जुए के एक बड़ी सामाजिक बुराई होने की वजह से मुख्यमंत्री धामी ने गृह विभा...