देहरादून, मार्च 29 -- देहरादून। उत्तराखंड के अल्पसंख्यक प्राधिकरण के नियमों में धारा-14 के तहत 11 शर्तें पूरा होने पर ही मदरसों का संचालन हो सकेगा। इससे पहले प्राधिकरण से धार्मिक शिक्षा दिए जाने की मान्यता नहीं मिलेगी। वहीं, मदरसों को शिक्षा विभाग से भी नए सिरे मान्यता लेनी होगी। शनिवार को अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जेएस रावत ने जिले भर के मदरसा संचालकों की बैठक ली और इन शर्तों को पूरा करने के लिए निर्देशित किया। बता दें कि उत्तराखंड में 482 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं और इनमें 50 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, दून में भी 36 मदरसों पर मान्यता है। मदरसा बोर्ड के निदेशक गिरधारी सिंह रावत ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 के तहत बने मानकों पर दून, हरिद्वार, यूएसनगर, नैनीताल, अल्मोडा, पिथौरागढ़, चंपावत के अधिकारियों से रिपोर्...