उत्तराखंड पुलिस का केस 11 साल बाद कोर्ट में 'ढेर' तीनों आरोपी हुए बरी; जानें क्या है पूरा मामला
देहरादून, नवम्बर 7 -- उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस के सिपाही की हत्या के प्रयास के 11 साल पुराने मामले में तीन आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया। आरोपियों पर सिपाही का गला दबाने का आरोप था, लेकिन गर्दन पर निशान तक नहीं मिले। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश अंजलि बेंजवाल ने आरोपियों को संदेह का लाभ दिया। खास बात यह है कि केस पुलिस की ओर से ही दर्ज कराया गया, लेकिन जांच में कई खामियों के चलते अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका। अभियोजन के अनुसार, 7 अगस्त 2015 की रात यूकेलिप्टस चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र कुमार ने तेज रफ्तार कार को रोका था। आरोप था कि कार सवार दीपक शर्मा निवासी नई दिल्ली, अजय शर्मा और आकाश थापा निवासी देहरादून ने सिपाही पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई, वर्दी फाड़ी और टी-शर्ट से गला घोंटकर ज...
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