देहरादून, जुलाई 11 -- उत्तराखंड सरकार ने राज्य के मदरसों के आधुनिकीकरण और शैक्षिक सुधार की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य में 'उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम' लागू करने के साथ ही एक जुलाई 2026 से पुराना मदरसा बोर्ड और उससे संबंधित पूर्व के अधिनियमों को निरस्त कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप पुरानी अनुदान व्यवस्था और संबंधित बजट मद को भी अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। धामी कैबिनेट में लिए गए इस फैसले के बाद अब राज्य में पंजीकृत सभी 452 मदरसों को नई व्यवस्था के तहत काम करना होगा। सरकारी अनुदान और सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए उन्हें उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से संबद्धता लेनी होगी और 'उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' से मान्यता लेना अनिवार्य होगा। यह भी पढ़ें- बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले में समिति रखे अपना पक्...