नई दिल्ली, अगस्त 24 -- बिजनेस -- उड़ानों में कटौती से यात्रियों की जेब पर असर नई दिल्ली। देश में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में सुस्ती के बावजूद हवाई किराया लगातार बढ़ रहा है। इसकी बड़ी वजह एयरलाइनों की ओर से क्षमता में की जा रही कटौती है। कंपनियां मांग में गिरावट की तुलना में ज्यादा तेजी से उड़ानें कम कर रही हैं। इससे उपलब्ध सीटें घट गई हैं और विमानों में सीट भरने की दर 85 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 से जून 2026 के बीच 72 घरेलू मार्गों पर औसत हवाई किराया करीब 20.5 फीसदी बढ़ा है। यह भी पढ़ें- हवाई सफर एक साल में 32 प्रतिशत महंगा वहीं, उपलब्ध आंकड़ों की तुलना में औसत टिकट कीमत अब करीब 7,000-7,500 रुपये के आसपास पहुंच गई है, जबकि एक साल पहले यह 5,000-5,500 रुपये के करीब थी।वहीं, जन...