मुजफ्फरपुर, जुलाई 7 -- उच्च शिक्षा की चाह रखने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की। योजना के तहत छात्रों को चार लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन दिया जाता है, ताकि पैसों की कमी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। लेकिन, जमीनी स्तर पर यह योजना छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनती जा रही है। आवेदन, सत्यापन, एग्रीमेंट, ऋण स्वीकृति, राशि निर्गमन से लेकर कुशल युवा प्रोग्राम (केवाईपी) के रजिस्ट्रेशन तक की प्रक्रिया में महीनों की देरी हो रही है। नतीजतन, हर दिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, जबकि विभागीय नियम 10 से 30 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी कर लेनी है। विभागीय सुस्ती, जटिल प्रक्रिया और थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन मे...