बिजनौर, जून 13 -- माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 3 जून 2026 को पारित आदेश के विरोध में शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। यह निर्णय उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर लिया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि उच्च न्यायालय द्वारा प्रदेश की बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों से हड़ताल न करने संबंधी शपथपत्र मांगा जाना बार की स्वतंत्रता और अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम है। इसी विषय पर 11 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की विभिन्न बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें 12 जून को न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।वरिष्ठ यह भी पढ़ें- हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वकील रहे कार्य से विरत अधिवक्ता गजेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय ख...