पूर्णिया, अप्रैल 8 -- पूर्णिया, वरीय संवाददाता। बिहार में उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान एवं प्रबंधन के क्षेत्र में पूर्णिया जिला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2021-22 में जहां यह दर 2.9 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2025-26 में बढ़कर 14.4 प्रतिशत हो गई है। मार्च 2026 में सर्वाधिक 21.2 प्रतिशत मामलों की पहचान की गई, जो फील्ड स्तर पर बेहतर ट्रैकिंग और सक्रिय निगरानी का परिणाम है। स्वास्थ्य संस्थानों के प्रदर्शन में बायसी (27.0%), अमौर (20.7%) और रुपौली (18.1%) अग्रणी प्रखंड रहे। जिलाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में "उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान, ट्रैकिंग, प्रबंधन, फॉलो-अप एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने" विषय पर यूनिसेफ़ के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी गर्भवती महिलाओं की समय पर प्रसव...
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