रांची, फरवरी 13 -- रांची, संवाददाता। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से यूनिसेफ और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, इलाज और समय पर रेफरल को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए गर्भावस्था के दौरान नियमित प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर, शुगर, एचआईवी, एसटीआई, हीमोग्लोबिन और अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी जांच के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान की जा सकती है। ऐसी महिलाओं को चिन्हित कर उचित इलाज और आवश्यकतानुसार उच्च केंद्र में रेफर करना जरूरी है। डॉ. असीम कुमार मांझी ने गर्भवती ...