वाराणसी, सितम्बर 21 -- वाराणसी। अघोरेश्वर महाप्रभु एवं महापुरुषों ने मानव जीवन को सामाजिक और आध्यात्मिक, दोनों स्तरों पर उन्नत बनाने का मार्ग दिखाया है। उनकी वाणी केवल आध्यात्मिक साधना नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जीवन के लिए भी उच्च आदर्श प्रस्तुत करती हैं। ये बातें अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव के अध्यक्ष बाबा औघड़ गुरुपद संभवराम ने कहीं। वह श्री सर्वेश्वरी समूह के 66वें स्थापना दिवस पर सोमवार को आयोजित समारोह में आशीर्वचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जीवत्व और शिवत्व के बीच माया स्थित है। मनुष्य को माया से लड़कर नहीं, बल्कि अभ्यास, साधना, प्रार्थना और सदाचार के माध्यम से उसे पार करते हुए शिवत्व की ओर बढ़ना है। आज मनुष्य भौतिक मोह, लोभ और स्वार्थ में उलझकर अपने वास्तविक लक्ष्य से दूर होता जा रहा है। जब व्यक्ति बिना परिश्रम क...