पटना, मार्च 25 -- हिंदुओं, सिखों और बौद्धों को ही अनुसूचित जाति के रूप में मान्यता देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री तथा भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष लखेंद्र पासवान ने स्वागत किया है। बुधवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि हिंदू, बौद्ध या सिख धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति (एससी) का सदस्य नहीं माना जा सकता है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाने पर व्यक्ति का अनुसूचित जाति का दर्जा खत्म हो जाता है। मंत्री ने कहा कि इस फैसले से ऐसे लोगों पर अंकुश लगेगा, जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लोग इस्लाम या ईसाई धर्म में परिवर्तित होने के बाद भी आरक्षण का लाभ ...
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