शिमला, मई 15 -- हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हाल ही में हुए बार काउंसिल चुनावों के कारण कई अधिवक्ताओं की उंगली पर पहले से ही अमिट स्याही का निशान लगा हुआ है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल इस निशान के आधार पर वकीलों को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा। अपना वकील पहचान पत्र दिखाने और पहचान सुनिश्चित होने के बाद उन्हें वोट डालने की अनुमति मिलेगी। ऐसे मतदाताओं के बाएं हाथ के बजाय दाएं हाथ की उंगली पर स्याही लगाई जाएगी। यह चुनाव 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में संपन्न होंगे। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान इस बार कुछ मतदाताओं की उंगली पर पहले से लगी अमिट स्याही भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने सा...