गोरखपुर, जुलाई 1 -- विवेक पाण्डेय गोरखपुर। देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के तहत न्यायिक प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ई-समन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। बड़े जिले तो इस अनुरूप ढलने लगे हैं लेकिन यूपी के कई छोटे जिले अभी भी इस दिशा में अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाए हैं। बुलंदशहर, गाजियाबाद जैसे जिले इस व्यवस्था में मई महीने में सबसे आगे रहे। गोरखपुर भी टॉप टेन में शामिल रहा। यहां कुल समन में ई-समन की हिस्सेदारी 73.74 प्रतिशत तक रही। वहीं बस्ती, संतकबीरनगर, देवरिया समेत कई छोटे जिलों में अब भी भौतिक समनों पर अधिक निर्भरता बनी हुई है। यह भी पढ़ें- ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण को लेकर जारी पुराना आदेश निरस्तई-समन की संख्या गोरखपुर में जून 2026 तक जारी ई-समनों की संख्या भौतिक समनों की तुलना में करीब ढाई गुना ज्यादा रही। जिले में कु...