नई दिल्ली, सितम्बर 21 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। घरेलू डिजी यात्रा में आधार आधारित पंजीकरण का इस्तेमाल होता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय संस्करण में ई-पासपोर्ट को आधार बनाया जाएगा। यात्री अपने ई-पासपोर्ट का पहला पन्ना स्कैन कर मोबाइल के एनएफसी माध्यम से पासपोर्ट में मौजूद चिप को पढ़ सकेंगे। चिप में दर्ज तस्वीर का यात्री की सेल्फी से मिलान किया जाएगा। इसके बाद डिजिटल पहचान प्रमाण तैयार होगा, जिसका इस्तेमाल हवाईअड्डे के अलग-अलग निर्धारित स्थानों पर पहचान सत्यापन के लिए किया जा सकेगा। सरकार ने इसके लिए डिजी यात्रा के सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया है। परीक्षण से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से ऑडिट किया जाएगा। इसके अलावा भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) और मानकीकरण परीक्षण एवं...