मेरठ, जून 19 -- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-पंजीकरण और निजीकरण संबंधी जारी आदेशों के विरोध में बार एसोसिएशन और दस्तावेज लेखक एसोसिएशन का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने संयुक्त रूप से रजिस्ट्री कार्यालय के सामने धरना देकर सरकार से आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए बार अध्यक्ष एडवोकेट आरिफ अली ने कहा कि ई-पंजीकरण और निजीकरण की व्यवस्था से आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह नीति पारंपरिक व्यवस्था को समाप्त करने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह भी पढ़ें- ई-रजिस्ट्री के विरोध में पांचवें दिन भी रजिस्ट्री ठप, करोड़ों का नुकसान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक आदेश वाप...